प्रयागराज में फिर बढ़ने लगा गंगा-यमुना का जलस्तर, संगम क्षेत्र में चढ़ा पानी; बाढ़ की आशंका से प्रशासन अलर्ट

प्रयागराज: भारी बारिश के बीच प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। नैनी में यमुना और छतनाग में गंगा का पानी बढ़ने से संगम क्षेत्र के घाटों पर पानी ऊपर की ओर पहुंचने लगा है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने रविवार को भी तेज हवा, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है।

शुक्रवार सुबह आठ बजे से शनिवार सुबह आठ बजे तक 24 घंटे में नैनी में यमुना का जलस्तर 35 सेंटीमीटर बढ़ा। इसी अवधि में छतनाग में गंगा का जलस्तर 57 सेंटीमीटर ऊपर गया। नदियों के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश ने पितृपक्ष से पहले प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

शनिवार रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.21 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले आंकड़े की तुलना में दो सेंटीमीटर कम रहा। वहीं छतनाग में जलस्तर 77.69 मीटर पहुंच गया, जिसमें सात सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज हुई। नैनी में यमुना का जलस्तर 78.09 मीटर रहा और यहां 11 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण संगम क्षेत्र में पानी चढ़ने की रफ्तार बनी हुई है।

दशाश्वमेध घाट पहुंचे डीएम, संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने के निर्देश

तेज हवा और भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। शनिवार को डीएम मनीष कुमार वर्मा और नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा दशाश्वमेध घाट पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने गंगा के जलस्तर और आसपास के निचले इलाकों की स्थिति का जायजा लिया।

डीएम ने अधिकारियों को नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जलभराव की आशंका वाले इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है।

लोगों से तेज हवा और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है। प्रशासन ने पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग और जर्जर भवनों से दूरी बनाए रखने तथा नदी, घाट और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने को कहा है।

दशाश्वमेध घाट पर नगर निगम को साफ-सफाई, प्रकाश और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। गहरे पानी वाले स्थानों पर संकेतक लगाने और बैरिकेडिंग करने को भी कहा गया है।

लगातार दूसरे दिन बारिश से जनजीवन प्रभावित

बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के पश्चिमी विक्षोभ से मिलने के बाद शनिवार को भी बारिश का असर बना रहा। लगातार दूसरे दिन तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर बारिश देर रात तक होती रही। पिछले 24 घंटे में जिले में 26.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

ग्रामीण क्षेत्रों में सोरांव में 18 मिलीमीटर, जबकि बारा और फूलपुर में 12-12 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। शनिवार को पूरे दिन सूरज नहीं निकला और आसमान में बादल छाए रहने से दिन में भी अंधेरा जैसा माहौल बना रहा।

रविवार को 60 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं

मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रयागराज में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। ऐसे मौसम में नदी और निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी और बढ़ाई गई है।

शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा। शुक्रवार रात न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस अधिक था। शुक्रवार के न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस की तुलना में 24 घंटे में इसमें 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई।

एक जून 2026 से 26 सितंबर तक प्रयागराज में कुल 974.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है।

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